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थायराइड का इलाज संभव है

थायराइड क्या है एवं इसका इलाज? (what is thyroid and its treatment?)

थायराइड का इलाज जानने से पहले ये जान लेना ज़रूरी है कि थायराइड क्या है। थायराइड हमारे गले में पाई जाने वाली एक ग्रंथि है। इस ग्रंथि का कार्य है मेटाबॉलिज्म ग्रंथि (metabolism gland) को नियंत्रित करना। थायराइड ग्रंथि में से एक स्राव निकलता है। ये हार्मोन्स हमारे खाने को उपयोगी ऊर्जा में बदलने का कार्य करते हैं। इस ग्रंथि थायरॉइड के ठीक से काम न करने को ही थायरॉइड की समस्या कहते हैं।

थायराइड के प्रकार (types of thyroid)

थायराइड रोग कई प्रकार का होता है। थायराइड की समस्या का प्रकार अलग अलग बातों पर निर्भर करता है। जैसे ग्रंथि के आकर के घटने, बढ़ने, हार्मोन अधिक बनने, कम बनने ग्रंथि में किसी प्रकार का विकार आना।

हाइपोथाइराइडिज्म (hypothyroidism)

थायराइड की इस समस्या में ये ग्रंथि हार्मोन कम बनाने लगती है। इस प्रकार में शरीर का वज़न कम होने लगता है।

हाइपरथाइराइडिज्म (hyperthyroidism)

थायराइड की इस समस्या में ये ग्रंथि हार्मोन अधिक बनाने लगती है। इसमें हमारे शरीर का वज़न अधिक होने लगता है।

घेंघा (grenadine)

घेंघा एक ऐसा रोग है जिसमें थायराइड ग्रंथि का आकार बढ़ने लगता है और गले में गांठ या ऐंठन महसूस होने लगती है। कभी कभी ये ग्रंथि अधिक बड़ी होकर कैंसर का रूप ले लेती है।

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थायराइड रोग के कारण (due to thyroid disease)

आधुनिकीकरण के कारण आज के समय में लोगों के खानपान के तरीके बदलने लगे हैं। खान-पान के नियम, संयम सब समाप्त हो गया है। सुबह से उठकर रात के सोने तक की दिनचर्या बदलती जा रही है। योग को तो लोग भूल ही चुके हैं। इन्हीं सब कारणों से थायराइड नामक रोग हम लोगों के बीच आ गया है। थायराइड रोग के कारण कई हो सकते हैं।

थायराइड की समस्या वंशानुगत भी हो सकती है।

गर्भावस्था में ये माँ से बच्चे को भी हो सकता है।

हमारी ख़राब दिनचर्या एवं असंतुलित खानपान से भी यह समस्या हो सकती है।

थायराइड के उपचार (thyroid treatment)  

थायराइड का घरेलू इलाज (home remedies of thyroid)

थायराइड का इलाज हम अलग-अलग तरीके से कर सकते हैं। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाई भी लेते रहे तथा साथ ही आप अपने घर में एक चूर्ण भी शुरू कर सकते हैं।

चूर्ण बनाने की विधि :

मेथी, अजवाइन, दालचीनी बराबर मात्रा में लें। इन्हें धूप में सुखाकर बारीक़ पीसकर पाउडर बना लें। ये पाउडर सुबह एवं शाम को खाना खाने के बाद गर्म पानी के साथ लें। इसे ठण्डे पानी के साथ न लें। चाहे गर्मी का ही मौसम हो। हलके गुनगुने पानी के साथ ले लें।

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थायराइड रोग में प्राकृतिक चिकित्सा (naturopathy in thyroid disease)

प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा भी थायराइड का इलाज संभव है। यदि हम जीवन को सुधारने के लिए प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाएं अर्थात प्राकृतिक चिकित्सा की सहायता लें तो इस रोग से हम छुटकारा पा सकते हैं। प्रकृति हमारे रोगों को ठीक करने में काफी सहायक सिद्ध होती है। इसके कुछ उपाय नीचे दिए जा रहे हैं। इन्हें अपनाएं।

थायराइड के प्राकृतिक उपचार (thyroid natural treatment)

कुम्हार की मिट्टी (Potter’s soil)

थायराइड का इलाज करने के लिए कुम्हार की का प्रयोग भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको कुमार के पास जाकर उसके चाक की मिट्टी लानी होगी। जो मिटटी उसने बर्तन बनाने के लिए तैयार की हो। इस मिट्टी को गीला करके अपनी गर्दन पर लगाएं। मिट्टी के सूखने के बाद इसे उतार दें। इस मिट्टी को एक ही बार प्रयोग किया जा सकता है। दूसरी बार दूसरी मिट्टी का प्रयोग करें। इस प्रकार 15 दिनों तक करें और उसके पश्चात अपना थायराइड टेस्ट कराएं।

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ठंडा एवं गर्म पानी (Cold and hot water)

अधिक ठण्डे एवं अधिक गर्म पानी के प्रयोग से भी थायराइड का इलाज किया जा सकता है। दो कांच के बर्तन में एक में खौलता हुआ गर्म पानी तथा दूसरे में बहुत ठंडा पानी ले। दो मलमल के कपड़े लें। एक को ठंडे पानी में तथा दूसरे को गर्म पानी में रखें। अब एक-एक करके पहले ठंडा और फिर गर्म मलमल के कपड़े को अपने गले पर रखें। पानी इतना गर्म हो कि आप उसे सहन कर सकें। यह प्रक्रिया दिन में दो बार, सुबह और शाम करें। 15 दिनों तक यह प्रयोग करके अपना थायराइड चेक करवाएं।

प्याज का प्रयोग (Onion use)

थायराइड का इलाज करने के लिए एक उपाय है प्याज का प्रयोग। एक मध्यम आकार के प्याज को लेकर उसे बीचो-बीच काट लें। रात को सोने से पहले गले पर मसाज करके उसे छोड़ दें। प्याज का रस रात को गले पर लगा रहने दें। सुबह उसे गुनगुने पानी से धो लें। ऐसा 15 दिनों तक करके थायराइड चेक करवाएं।

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थायराइड का इलाज करने के सम्बन्ध में हमने जो भी जानकारी आपको इस लेख में दी है। उसे अपनाकर आप इस बीमारी से निजात पा सकते हैं। आप भी इस विषय पर अपने विचार हमें कमेन्ट बॉक्स में लिखें।

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