स्वाइन फ्लू (swine flu) का कहर एक बार फिर से हमारे भारत में दस्तक दे चुका है। स्वाइन फ्लू (swine flu) एक संक्रामक वायरस है। स्वाइन फ्लू का संक्रमण (infection of swine flu) आज के समय में मनुष्य में फैल रहा है। देखते ही देखते यह बीमारी महामारी के रूप में परिवर्तित हो गई है। आइए आज हम आपको स्वाइन फ्लू (swine flu) बीमारी तथा उसके उपचार के बारे में बताएँगे।
योगासन का क्या अर्थ है
क्या है स्वाइन फ्लू? (what is swine flu?)

स्वाइन फ्लू H1N1 इनफ्लुएंजा (h1n1 influenza) इन चार प्रकार के वायरस से इकट्ठा होने के कारण होता है। स्वाइन फ्लू सांस का एक संक्रामक रोग है। स्वाइन फ्लू सबसे पहले सूअर को सामान्य रूप से प्रभावित करता है। साइंस का मानना है कि जो लोग सूअर के आस पास रहते हैं। यह बीमारी उनको बहुत तेजी से अपने चपेट में लेती है। स्वाइन फ्लू से ग्रसित व्यक्ति जहां कहीं भी लोगों के बीच में जाते है। उस स्थान पर भी स्वाइन फ्लू का संक्रमण उत्पन्न हो जाता है। कहा जाता है कि स्वाइन फ्लू भी एक छुआछूत बिमारी है जो खासने और छिकने से उत्पन्न वायरस की वजह से फैलती है। डाक्टरों से पता चला है कि इस साल 2019 में स्वाइन फ्लू दिल्ली (swine flue in delhi) में भी फैल चुका है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण (symptoms of Swine Flu)
स्वाइन फ्लू बीमारी के लक्षण (swine flue symptom) सामान्य फ्लू जैसे ही होता है। स्वाइन फ्लू का वायरस जब हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं तो निम्नलिखित समस्याएं होती हैं। जैसे बुखार, खांसी आना, सिर दर्द होना, नाक बहना, गले में दर्द के साथ-साथ गले में खराश होना, उल्टी आना, कमजोरी व थकान महसूस करना आदि। यह सब स्वाइन फ्लू के लक्षण (swine flue symptom) हैं।
स्वाइन फ्लू के घरेलू उपचार (home remedies for swine flu)
कृष्ण शलाका प्रश्नावली
1. एलोवेरा (aloe vera)
मित्रों जैसा कि हम सबको पता है। एलोवेरा स्वाइन फ्लू में औषधि (medicine in swine flu) का कार्य करता है। एलोवेरा हमारे शरीर के अंदर फ्लू से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। एलोवेरा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। एलोवेरा का जैल रोजाना पानी के साथ इस्तेमाल करने से स्वाइन फ्लू का असर कम हो जाता है।
2. तुलसी (basil)
तुलसी एक ऐसा पौधा है जो भारत में लगभग हर घरों में पाया जाना संभव माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से तुलसी का पौधा घर में होना बहुत शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म के लोग तुलसी के पौधे की बहुत ही भावनात्मक रूप से पूजा करते हैं। तुलसी में स्थित एंटीबैक्टीरियल तथा एंटी वायरस यह दोनों तत्व पाए जाते हैं। तुलसी में यह दोनों तत्व पाए जाने के कारण तुलसी आयुर्वेद में जड़ी-बूटी के रूप में भी मानी जाती है। तुलसी की चार से पांच पत्तियां तोड़ कर अच्छे से धुलकर हर रोज इसका सेवन करें। ऐसा करने से H1N1 वायरस से छुटकारा मिल सकता है, और स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है।
3. गिलोय (giloy)
गिलोय जंगल में पानी जाने वाली दिव्य औषधि है। गिलोय को टुकड़ों में काट कर एक गिलास पानी में तुलसी की पत्ती के साथ मिलाकर इतना उबालें की पानी की मात्रा आधी हो जाए। इसके बाद इस उबले हुए पानी को ठंडा कर इसमें मिशरी, काला, नमक मिलाकर पिए। ऐसा करने से स्वाइन फ्लू जैसी बीमारी से आराम मिलता है। दोस्तों जैसा कि हमें पता है गिलोय औषधि हर प्रकार के बुखार में बहुत कारगर साबित हुई है। इसलिए जब भी आप को बुखार हो किसी वैद्य की परामर्श से गिलोय का सेवन करें। निश्चय ही आपको आराम मिल जाएगा।
4. हल्दी (turmeric)
हल्दी में मौजूद तत्व (करक्यूमिन) में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं। अतः स्वाइन फ्लू में मरीजों को रोजाना एक गिलास गुनगुने पानी में हल्दी मिलाकर पीने से फ्लू का असर कम होता है। और रोगी को राहत मिलती है।
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए कुछ विशेष बातें
आंवला खाने के नुकसान
- स्वाइन फ्लू (swine flu) के संक्रमण वाले रोगी से दूरी बना कर ही रहें।
- स्वाइन फ्लू (swine flu) के रोगी को जब भी छींक या खांसी आए तो मुंह पर कपड़ा रखकर ही खांसी और छींके।
- स्वयं रोगी को हमेशा याद रखना चाहिए कि यदि वह कोई सामान अथवा किसी को छूये तो सर्वप्रथम अपने हाथों को साबुन से धोकर ही छुए। इससे संक्रमण नहीं फैलता है।
- रोगी को तनाव मुक्त रहना चाहिए। तनाव लेने से यह रोग रोगी पर हावी हो जाता है। और संक्रमण खतरा बढ़ जाता है।
- स्वाइन फ्लू (swine flu) से ग्रसित व्यक्ति को भीड़ से बचना चाहिए। घर पर आराम करते हुए पूरी नींद लेना चाहिए। इससे स्वाइन फ्लू जल्दी से ठीक होता है।
- स्वाइन फ्लू (swine flu) रोगी को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। जैसे दही, छाछ, नारियल पानी उबला हुआ पानी आदि।
- स्वाइन फ्लू (swine flu) से पीड़ित व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा पौष्टिक आहार वाला भोजन तथा ताजे फलों का सेवन करना चाहिए।
मित्रों हमारा मकसद आपको बीमारियों के बारे में सही सलाह देना। आपको यह स्वाइन फ्लू जैसी घातक बीमारी के बारे में हमारे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट में जरूर बताएं।