रक्षाबंधन पर इस समय राखी बांधने से बचें

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रक्षाबंधन पर राखी बांधने का समय तथा महत्व

रक्षाबंधन के त्यौहार का सभी भाई एवं बहनों को बड़ी ही बेसब्री से इंतजार रहता है। यह बहुत ही खास पर्व होता है। भाई और बहनों के लिए। इस शुभ वर्ष के दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है। इस रक्षा सूत्र से अपनी सुरक्षा का वचन लेती है।

इसी दिन क्यों बाँधी जाती है राखी? (why is rakhi on this day?)

राखी हमेशा शुभ मुहूर्त में ही बांधी जाती है। रक्षाबंधन हर साल सावन के महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। साल 2018 में यह तिथि 26 अगस्त को है। कहा जाता है भद्रा नक्षत्र में राखी नहीं बांधनी चाहिए। इससे जीवन में अशुभ होने का खतरा बना रहता है। क्योंकि भद्रा में शुभ कार्य करना मना होता है। इसलिए भाई और बहन का यह त्यौहार प्यार और पवित्र बंधन का त्यौहार होता है। भाई की दीर्घायु हो इस वजह से राखी हमेशा शुभ मुहूर्त में ही बांधने का संयोग रहता है। इस बार के रक्षाबंधन के दिन एक शुभ संयोग बन रहा है। दरअसल अबकी बार कई साल बाद राखी के दिन भद्रा नक्षत्र का साया नहीं रहेगा। इस बार रक्षाबंधन ग्रहण मुक्त रहेगा। दिन की शुरुआत से ही भद्रा नक्षत्र समाप्त होने से राजयोग बना रहेगा। ज्योतिष के अनुसार राजयोग में राखी बांधना शुभ होता है।

भद्रा नक्षत्र में राखी क्यों नहीं बांधी जाती है? (why are not rakhi built in the bhadra nakshatra?)

सदियों से बड़े-बुजुर्गो के द्वारा कही गई कथाओं के अनुसार, रावण की बहन शूर्पणखा ने रक्षाबंधन के दिन भद्रा काल में ही अपने भाई रावण को राखी बांधी थी। जिससे श्री रामचन्द्र जी और रावण की लड़ाई में रावण की मृत्यु हो गई। इसलिए रक्षाबंधन हमेशा शुभ मुहूर्त में ही होना चाहिए। यह पर्व भाई और बहन के जीवन से संबंधित है। इसलिए शुभ मुहूर्त तथा भद्रा मुक्त नक्षत्र में ही राखी बांधी जानी चाहिए।

पत्नी ने पति को बांधी थी संसार की सबसे पहली राखी 

वेदों और पुराणों के अनुसार भगवान शिव जी अपना तांडव भद्रा नक्षत्र काल में ही करते हैं। अतः इस धार्मिक पर्व पर शिव जी का खुश रहना बहुत ही आवश्यक होता है। अब क्योंकि शिवजी तांडव रूप में अधिक क्रोधित रहते हैं। और सृष्टि का संतुलन देखना तांडव नृत्य में अधिक आवश्यक होता है। इसलिए ऐसी स्थिति में राखी का बाधना फलदाई नहीं होता है और अशुभ माना जाता है।

इस समय में राखी बांधने से बचें (avoid tying rakhi at this time)

रक्षाबंधन मनाने के ये तरीके जान कर आप रह जायेंगे हैरान

सावन माह की पूर्णिमा तिथि को राखी बांधने का समय सुबह 5:00 बजकर 59 मिनट से शाम 17:25 तक रहेगा रक्षाबंधन पर भद्राकाल ना होने पर पूरा दिन शुभ संयोग रहेगा। बहनें राहु काल में राखी बांधने से बचें, 26 अगस्त की शाम 4:30 बजे से 6:00 बजे तक राहू काल रहेगा। समय के उपरांत किसी भी समय राखी बांधी जा सकती है।

 

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By 13th TV

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