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रेकी अर्थात अलौकिक ऊर्जा

रेकी…एक ऐसी पद्धति जिसमें अपनी प्राण ऊर्जा से किसी और को स्वस्थ करना। उसके रोग दूर करना। ये कहना है रेकी हीलर डॉ आशा गोयल का। इनका कहना है कि रेकी से विश्व की किसी भी छोटी या बड़ी समस्या को हल किया जा सकता है। डॉ आशा गोयल के अनुसार रेकी अर्थात अलौकिक ऊर्जा एक ऐसी चिकित्सा पद्वति है, जिसके द्वारा सैंकड़ो लोगों की भावनात्मक और मानसिक समस्याऐ हल हो चुकी हैं। डॉ आशा नकारात्मक परालौकिक शक्तियों से पीड़ित लोगों को भी ठीक कर चुकी हैं।

क्या रेकी जैसी अलौकिक शक्तियाँ ऋषियों के पास भी थी?

यहाँ प्रस्तुत हैं रेकी हीलर डॉ आशा गोयल से की गयी बातचीत के कुछ अंश

कृष्णा: आशा जी आप रेकी हीलिंग कब से कर रही हैं?

डॉ आशा: रेकी से जुड़े हुए मुझे 19 साल हो चुके हैं। शुरूआत कुछ ऐसे हुई थी कि मुझे मेरे बाएं कंधे में frozen shoulder की समस्या हो गयी थी। एक साल तक तो मैंने लगातार खूब इलाज करवाया। लेकिन कुछ आराम नहीं मिला। तो मेरी बहन भी रेकी हीलर है तो उन्होंने ही मुझे रेकी सिखाई वो भी ज़बरदस्ती। रेकी सीखने के बाद आपको 21 दिन तक रेकी की प्रैक्टिस करनी ज़रूरी होती है। ये रेकी का नियम है। तो मैंने जब लगातार 21 दिन तक रेइकी की प्रैक्टिस की तो उसी दौरान ही मेरा फ्रोजेन शोल्डर (frozen  shoulder) ठीक हो गया। और मुझे पता भी नहीं चला। उसी से प्रोत्साहित होकर मैंने और रेकी सीखी, अगले लेवल्स तक गयी। और आज मैं रेकी से उपचार भी करती हूँ और सिखाती भी हूँ।

वास्तव में रेकी क्या है?

कृष्णा: रेकी से किसी का इलाज होता कैसे है?

डॉ आशा: ये एक प्राकृतिक पद्धति है, एक नेचुरल थेरेपी, जिसमें कि हम अलौकिक ऊर्जा (cosmic energy) से लोगों का उपचार करते हैं। पहले इस अलौकिक ऊर्जा (cosmic energy) को अपने अंदर जागृत किया जाता है। फिर ये अलौकिक ऊर्जा (cosmic energy) हमारे हाथों में से निकलने लगती है और उसी हाथों में से निकलती अलौकिक ऊर्जा (cosmic energy) से हम दूसरों का उपचार करते हैं।

कृष्णा: रेकी में विज्ञान कितना है?

डॉ आशा : आप इसे शायद वैज्ञानिक (Scientific) न कहें लेकिन रेकी एक प्रकार की ऊर्जा है। यह दिखाई नहीं देती। लेकिन जब आप इसे प्रयोग करते हैं, चाहे सीखते समय या चाहे उपचार करते, करवाते समय तो आप इसे महसूस कर सकते हैं। आपको यह अलौकिक ऊर्जा (cosmic energy) अपने शरीर के भीतर प्रवेश करती हुई अनुभव होती है। आपका शरीर ठंडा या गर्म होने लगता है। आप तीव्र कम्पन्न अनुभव करते हैं।  

कृष्णा: रेकी किन समस्यायों में ज़्यादा असर करती है?

डॉ आशा: वास्तव में रेकी एकमात्र ऐसी एक पद्धति है जो शारीरिक, मानसिक, आत्मिक और भावनात्मक चारों स्तर पर एक जैसे ही प्रभावशाली है। बस आप किसी भी बीमारी या समस्या का नाम लीजिये, और समझ लीजिये कि उसे रेकी की मदद से ठीक किया जा सकता है। मेरा ये मानना है कि रोज़मर्रा की किसी छोटी से छोटी समस्या से लेकर विश्व की बड़ी से बड़ी समस्या को भी इससे हल किया जा सकता है। हाँ समस्या की जटिलता के अनुसार ठीक होने में वक़्त ज़्यादा या काम लग सकता है, लेकिन आपको परिणाम मिलेंगे ज़रूर, क्योंकि रेकी समस्या की जड़ पर काम करती है उसके लक्षणों पर नहीं।

कृष्णा: किन समस्यायों पर रेकी ज़्यादा तेज़ी से असर करती है?

डॉ आशा: रेकी किसी भी तरह के मानसिक तनाव (Depression and Stress ) पर ज़्यादा तेज़ी से काम करती है। अगर किसी में नकारात्मक सोच बहुत ज़्यादा है, आप रेकी की मदद से उसकी सोच को उसके विचारों को सकारात्मक कर सकते हैं। इस तरह की समस्यायों पर रेकी तुरंत असर दिखाती है। शारीरिक रोगों में ये देखना पड़ता है कि रोग ने कितनी जड़ पकड़ रखी है, उसी के अनुसार रोग ठीक होने में वक़्त लगता है। वैसे रेकी हर तरह की बीमारी पर असर करती है, और उसे ठीक करने की क्षमता रखती है।

रेकी में हर बीमारी का इलाज है, वहम का भी

कृष्णा: क्या रेकी भूत-प्रेत, ग्रह दोष आदि के बुरे असर से भी किसी को बचा सकती है?

डॉ आशा: अब आप ग्रह दोष बोलें या भूत-प्रेत हम तो इन्हें सिर्फ नकारात्मक ऊर्जा ही बोलेंगे। अब क्योंकि रेकी हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा पर असर करती है, इसलिए ज़ाहिर है कि रेकी इन पर भी असर करती है और इस तरह की समस्यायों से भी मुक्ति दिला सकती है।

कृष्णा: आपका लक्ष्य क्या है ?

डॉ आशा : मेरी कोशिश है कि मैं ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को रेकी सिखाऊं। ताकि जैसे मैं रेकी अर्थात अलौकिक ऊर्जा की मदद से अपने परिवार, अपने रिश्तेदार या दोस्तों की समस्याएं हल करती हूँ, दूसरे लोग भी ऐसा कर सकें और समाज का एक बड़ा हिस्सा स्वस्थ हो सकते, सकारात्मक हो सके।  

रेकी से कैसे हो सकता है समाज का भला?