ॐ जय जगदीश हरे आरती

ॐ जय जगदीश हरे आरती

ओम जय जगदीश हरे आरती सबसे अधिक गाई जाने वाली आरती है। यूँ तो आरती संग्रह में बहुत सी आरतियाँ हैं किन्तु, विष्णु जी की ये आरती काफी प्रसिद्ध है। पूजा एवं दूसरी आरतियां करने के बाद, अधिकतर मंदिरों और घरों में यही आरती गाई जाती हैं।

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इस आरती में भगवान विष्णु जी का गुणगान किया गया है। इसकी विशेषता ये है कि इसमें विष्णु शब्द का प्रयोग कहीं नहीं किया गया। ये आरती इतनी ख़ूबसूरती से लिखी गई है कि, बहुत जल्द ही यह लोगों की ज़ुबान पर चढ़ गई। 1970 में मनोज कुमार द्वारा निर्मित फिल्म पूरब और पश्चिम में भी इस आरती को लिया गया। इस फिल्म के लिए इस ओम जय जगदीश हरे आरती को गाया था, महान गायक महेंद्र कपूर जी ने।

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किसने लिखी ओम जय जगदीश हरे आरती

ये आरती 19वीं सदी के प्रसिद्ध साहित्यकार ‘पण्डित श्रद्धा राम फिल्लौरी जी’ ने लिखी थी। ये पंजाब के फिल्लौर में 1837 में पैदा हुए थे। ओम जय जगदीश हरे आरती की रचना इन्होंने 1870 में की थी। ‘पण्डित श्रद्धा राम फिल्लौरी जीके विषय में कुछ बातें जानकर आप सच में हैरान हो जायेंगे।

  • पहली, तो ये कि पण्डित जी पंजाबी, हिंदी, संस्कृत और फ़ारसी भाषा के अच्छे जानकर थे।
  • दूसरी, दैनिक भास्कर समाचार पत्र में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, पण्डित जी बड़े उच्च कोटि के ज्योतिषी थे। उन्होंने उस समय की इंग्लॅण्ड की महारानी विक्टोरिया की जन्म कुण्डली भी बनाई थी।
  • तीसरी, एक समय था जब उनका लिखा पहला उपन्यास ‘भाग्यवती’ लोग अपनी बेटी को दहेज़ में दिया करते थे। ताकि वो संस्कार सीख सके।  

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पण्डित श्रद्धा राम फिल्लौरी जी द्वारा लिखित ॐ जय जगदीश हरे आरती

By 13th TV

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