पहले विदेशों में जाकर योग का नाम बदला और योग, योगा हो गया। लेकिन फिर योग के साथ और भी बहुत कुछ जुड़ने लगा और योग ने कई नए रूप धारण कर लिए। गोट योगा (goat yoga) और बियर योगा (beer yoga) इसी के उदाहरण हैं। अधिकतर लोगों का ये मानना है कि इस तरह का योग आपका ध्यान आपके मन के भीतर नहीं अपितु आपके शरीर के बाहर रखता है। गोट योगा (goat yoga) में आपका योग करने वाले का सारा ध्यान बकरी के मेमने की तरफ रहता है। जबकि आपका ध्यान आपके मन, आपके चक्रों एवं आपके शरीर की स्थिति (आसन) की ओर होना चाहिए। इसी तरह बियर योगा (beer yoga) में आपका ध्यान बियर (beer) की तरफ रहता है।

पश्चिम में इस तरह से कई लोग योग करवा रहे हैं। गोट योगा (goat yoga) उन्हीं में से एक है। इस योग को करने से आपका मानसिक तनाव अवश्य कम हो जाता है।

क्या है गोट योगा? (what is goat yoga?)

गोट योगा साधारण योगा की तरह ही है। इसमें केवल योगाभ्यास करते समय उनके आसपास बकरियां घूमती रहती हैं। कुछ आसन करते समय बकरी और मेमने को हाथ में पकड़ा भी जाता है। टैमी का कहना है कि इससे मानसिक एवं शारीरिक संतुलन बढ़ाने में सहायता मिलती है। टैमी का यह भी कहना है कि सामान्य तरीके से आसन करते समय आपका ध्यान भटकता है। आप अपने दिन भर के कार्यों के विषय में सोचते रहते हैं। किंतु यदि आपने बकरी या उसका मेमना पकड़ रखा है तो आपका सारा ध्यान एक ही जगह केंद्रित रहता है।

टैमी के पास गोट योगा सीखने वाले लोगों का भी यही कहना है। कि यह गोट योगा विचित्र अवश्य है लेकिन इस में आनंद आता है।

यहां 10 दिन से लेकर 10 हफ्ते तक की उम्र के मेमने लोगों के बीच उछल कूद करते नजर आते हैं। सुनने में यह विचित्र लगता है। किंतु यहां योगा सीखने वाले लोगों का कहना है कि जब हमारे आस पास यह मेमने शरारतें करते घूमते हैं। तो हमारा मानसिक तनाव समाप्त हो जाता है।

 

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