क्या है धनतेरस का त्यौहार?

क्या है धनतेरस का त्यौहार, धनतेरस क्यों मनाया जाता है, धनतेरस का मतलब, धनतेरस पर क्या खरीदें
धनतेरस का महत्व

क्या है धनतेरस का त्यौहार? (what is the festival of dhanteras?)

दीपावली से पहले आता है धनतेरस का पर्व। जब ख़रीदे जाते हैं बर्तन और गहने। इन्हीं दो तरह की दुकानों पर बाजार में आपको इस दिन सबसे ज़्यादा भीड़ देखने को मिलती है। लोग किसी भी तरह का कोई भी बर्तन इस दिन खरीदते हैं। यदि किसी बड़े बर्तन की ज़रुरत हो तो बड़ा बर्तन नहीं तो चम्मच से भी काम चल जाता है। खरीदने वाले इस दिन सोने के जेवर भी खरीदते हैं। इसे शुभ शगुन माना जाता है। सोना और बर्तन खरीदने के पीछे लोगों का ये विश्वास होता है कि इस दिन ये सब खरीदने पर घर में समृद्धि आयेगी।

कब मनाया जाता है धनतेरस? (when is dhanteras celebrated?)

धनतेरस दीवाली से 2 दिन पहले मनाया जाता है। अर्थात कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन। साधारण भाषा में हिन्दू कैलेण्डर के अनुसार कार्तिक मास के उतारते पक्ष कि 13 तारीख को ये मनाया जाता है।

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क्यों मनाया जाता है धनतेरस? (why is dhanteras celebrated?)

ऐसा माना जाता है कि इस दिन धन्वंतरी जी समुद्र मंथन से अमृत लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए धनतेरस को धन्वंतरी जयंती भी कहा जाता है।

कैसे मनाया जाता है धनतेरस? (how is dhanteras celebrated?)

दीपावली की शुरुआत धनतेरस पर्व से ही शुरू हो जाती है। मां लक्ष्मी के आगमन की तैयारियां जोर-शोर से होने लगती हैं। इस दिन अपने घरों के सामने मां लक्ष्मी के पैरों का चिन्ह अंकित किया जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी जी तथा धन के देवता कुबेर जी की भी पूजा की जाती है। लोग आज से ही माँ लक्ष्मी के स्वागत में दिए जला कर अपने घर के दरवाज़े पर रखते हैं। इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुँह करके यमदूतों की भी पूजा की जाती हैं। और यमदूतों के नाम से दिए जलाये जाते हैं।

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क्यों खरीदते हैं लोग धनतेरस पर बर्तन, सोना, चांदी? (why do people buy pottery, gold, silver on dhanteras?)

वैसे तो मान्यता है कि धनतेरस के दिन जब तक किसी धातु की खरीदारी नहीं की जाती है। तब तक धनतेरस अधूरा माना जाता है। इस दिन लोग अपने बजट में सोना या चांदी खरीदते हैं। जैसे- सिक्का,जेवर, मूर्ति आदि।

यदि आपका बजट कम है इन चीजों को आप नहीं खरीद सकते हैं। तो इस दिन तांबे का भी बर्तन ले सकते हैं। और अगर यह भी नहीं ले सकते हैं। तो इस दिन स्टील का का भी बर्तन ले सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन हम जो भी सामान खरीदते हैं। वह हमारे लिए शुभ होता है। बर्तन खरीदने की परंपरा को धन्वंतरी जी के हाथ में अमृत कलश लेकर प्रकट होने को भी जोड़ा जाता है। ऐसा विश्वास किया जाता है कि जो भी बर्तन इस दिन घर लेकर जाया जायेगा वो अमृत से भरा होगा। ये बर्तन घर में सुख, शांति, सम्पन्नता एवं स्वास्थ्य देने वाला होगा। बर्तन एवं सोना चांदी खरीद कर इसी परंपरा को निभाया जाता है।

एक प्राचीन कथा में बताया गया है कि जलते दीयों और गहनों के कारण यमदूत यमलोक को वापिस लौट गए थे। कथा के अनुसार एक पत्नी ने अपने पति को बचाने के लिए कुछ विशेष किया था। उसने घर के चारों ओर खूब सारे दिए जला दिए और द्वार पर खूब सारे गहने रख दिए। और यही कारण बना उसके पति के प्राण बचने का। ऐसे ही एक विश्वास के कारण लोग इस दिन गहने खरीदते हैं और दिए जलाते हैं।  

धनतेरस का महत्व (importance of dhanteras)

धनतेरस के दिन अपने घर की अच्छे से सफाई करके देवी लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। जो सुख समृद्धि और वैभव की देवी है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन प्रसन्न होकर देवी लक्ष्मी जी ने एक गरीब किसान को अक्षय संपत्ति का वरदान दिया था। इसलिए इस अवसर पर धन प्राप्ति के लिए लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन यमराज के निमित्त दीपदान करना चाहिए ऐसा करने से उस परिवार में अकाल मृत्यु नहीं होती है।

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By विभा पाण्डेय

यदि मन में कुछ करने की इच्छा हो तो कोई रोक नहीं सकता। हाँ बाधाएं तो आएंगी ही किन्तु बाधाएं मात्र वो सीढ़ी हैं जिन पर पैर रख कर हमें ऊपर उठना है। जिनके पार सफलता दिखाई देती है। हाउसवाइफ होते हुए भी मैंने जब ये ठान ली की कुछ करना है तो मुझे घर छोड़ कर बाहर निकलने की आवश्यकता नहीं पड़ी। अवसर मेरे सामने आया और मैंने उसे गंवाया नहीं और जुड़ गई 13th टीवी के साथ

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