जय अम्बे गौरी आरती

आरती माँ अम्बा दुर्गा वैष्णो देवी की

माँ दुर्गा जी की आरती जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी।। मांग सिंदूर विराजत टीको मृगमद को। उज्जवल से दोऊ नैना चंद्रबदन नीको।। जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजे। रक्त पुष्प गल माला कंठन पर साजे।। जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा… Continue reading जय अम्बे गौरी आरती

हनुमान जी की आरती

हनुमान जी की आरती

हरती है सब कष्ट हनुमान जी की आरती : हनुमान जी श्रीराम के परम भक्त है। कहा जाता है कि जहाँ पर भी भगवान् श्रीराम का नाम लिया जाता है। वहां पर हनुमान जी का आवाहन हो जाता है। हनुमान जी की आरती का नित्य जप करने से आपके सभी कष्टों का नाश हो जाता… Continue reading हनुमान जी की आरती

ॐ जय जगदीश हरे आरती

ॐ जय जगदीश हरे आरती ओम जय जगदीश हरे आरती सबसे अधिक गाई जाने वाली आरती है। यूँ तो आरती संग्रह में बहुत सी आरतियाँ हैं किन्तु, विष्णु जी की ये आरती काफी प्रसिद्ध है। पूजा एवं दूसरी आरतियां करने के बाद, अधिकतर मंदिरों और घरों में यही आरती गाई जाती हैं। यहाँ पढ़ें: श्री गणेश जी… Continue reading ॐ जय जगदीश हरे आरती

श्री शनिदेव जी की आरती

श्री शनिदेव जी की आरती

यहाँ श्री शनिदेव जी की आरती दी गयी है। शनि साढ़ेसाती या शनि ढैया में शनि चालीसा का पाठ करने के बाद श्री शनिदेव जी की आरती अवश्य करें। इससे शनिदेव जी का कोप शांत होगा। श्री शनि चालीसा एवं श्री शनिदेव जी की आरती करने के बाद श्री शनिदेव जी से अपने पापों के लिए… Continue reading श्री शनिदेव जी की आरती

शिव जी की आरती

शिव जी की आरती यहाँ दी जा रही है। आरती के विषय में एक बात का ध्यान अवश्य रखें कि आरती हमेशा खड़े होकर की जाती है। यदि आप अपनी किसी शारीरिक स्थिति के कारण उठ नहीं सकते तो अलग बात है। किन्तु सामान्य स्थिति में आरती खड़े होकर ही करनी चाहिए। सारा पूजा पाठ… Continue reading शिव जी की आरती