योग के लाभ (अदभुत अविश्वसनीय)

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता में कहा गया है-

“योग: कर्मसु कौशलम, अर्थात कर्मों में कौशल की दक्षता ही योग है”

योग के लाभ (benefits of yoga) तो बहुत हैं किन्तु अधिकतर लोग मात्र इस पर चर्चा ही करते हैं, योगाभ्यास नहीं करते। योग के लाभ (benefits of yoga) प्राप्त करने के लिए आवश्यक है कि आप योग करें भी। योग भारत का प्राचीन एवं गौरवमयी हिस्सा है, ये सही है। योग विश्व भर में भारत की पहचान है, ये भी सही है। इसी योग के सहारे भारत ने विश्व को अध्यात्म की राह दिखाई, ये भी सही है। किन्तु इन बातों को करने, पढने या सुनने से कोई स्वस्थ नहीं हो सकता, ये भी सही है।

वास्तव में योग (yoga) एक वरदान है, जिससे स्वस्थ शरीर के साथ-साथ स्वस्थ मन भी प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही अनेक प्रकार के आध्यात्मिक लाभ भी पाए जा सकते हैं। यही कारण था कि भारत में हुए कई योग गुरुओं ने विश्व भर में अपना नाम कमाया। धीरेन्द्र ब्रह्मचारी (dhirendra brahmachari), महर्षि महेश योगी (maharishi mahesh yogi), परमहंस योगानंद (paramahansa yogananda), बी. के. एस. इयेंगर (b. k. s. iyengar), श्री श्री रविशंकर (sri sri ravi shankar), बाबा रामदेव (baba ramdev) कुछ गिने चुने नाम हैं। ये वो नाम हैं जिन्होंने योग को हिमालय की गुफाओं और पहाड़ों से निकालकर विश्व भर में फैलाया। इससे लोगों ने योग के लाभ प्राप्त भी किये।

स्वास्तिकासन की विधि एवं लाभ

योग के अनेक फायदे (many benefits of yoga)

योग यदि सही समय पर और सही तरीके से किसी के मार्गदर्शन में किया जाये तो यह अच्छा लाभ देता है। इसका फायदा आप तभी उठा सकते हैं जब आप योगाभ्यास करते समय सभी नियमों का पालन करें। जैसे प्राणायाम (pranayam), आसन (aasan) या मुद्राएं (mudras) करनी चाहिए वैसे ही करें। योग के साथ-साथ अपने खानपान का भी ध्यान रखें।   

आजकल की आधुनिक चिकित्सा आज इस बात को मान चुकी है कि योगाभ्यास करने से शरीर को सम्पूर्ण स्वस्थ बनाया जा सकता है।

चिंता एवं तनाव से मुक्ति (freedom from anxiety and stress)

आजकल की भागदौड़ से भरी ज़िन्दगी में हम अक्सर ही चिंता एवं तनाव से घिरे ही रहते हैं। यदि हम प्रतिदिन योगाभ्यास करें तो चिंता एवं तनाव (anxiety and stress) आदि कई प्रकार की मानसिक समस्यायों से छुटकारा पाया जा सकता  है।

योगासन से आध्यात्मिक लाभ (spiritual benefits of yoga)

योगाभ्यास एक प्रकार कि साधना पद्वति भी है। योग केवल शरीर के लिए ही नहीं अपितु आपकी आध्यात्मिक शक्ति (spiritual power) को भी जाग्रत करने में सहायक होता है। प्रतिदिन योगाभ्यास करने से आध्यात्मिक लाभ (spiritual benefits) प्राप्त होते हैं। योग के लाभ को प्राप्त करने के लिए आपको किसी अच्छे योग गुरु की शरण में जाना चाहिए।

योग एक बेहतर व्यायाम (yoga is a better exercise) 

जिम में व्यायाम करने से शरीर केवल सुडौल बनता है, जबकि योग आपके शरीर का सम्पूर्ण विकास करता है। यहां तक की आप द्वारा जिम में बनाये गए शरीर को और भी अधिक सशक्त बनाता है। नियमित योग करने से आपके शरीर कि हड्डीयां मजबूत एवं मासपेशियाँ सख्त रहती हैं। योग के लाभ से हमारे शरीर के उठने-बैठने एवं खड़े होने आदि सभी क्रियाओं का सुधार होता है।

कितने प्रकार का होता है योगासन?

शरीर को रखें फिट (keep fit physically)

योग के निरंतर अभ्यास से शरीर के अलग-अलग भागों को भी लाभ पहुँचता है। योगासन करने से शरीर के सभी अंगों का व्यायाम होता है।योगासनों से मांस पेशियों को मजबूती मिलती है, जिससे दुबला पतला शरीर भी ताकतवर हो जाता है। योग करने से आपका शरीर लचीला बनता है।

मधुमेह से भी छुटकारा (get rid of diabetes)

योग करने से रोगी व्यक्ति निरोग भी हो सकता है। नियमित योगाभ्यास से मधुमेह के रोगी अपनी पैंक्रियास (Pancreas) को फिर से सक्रिय कर सकते हैं। जिसका अर्थ ये है कि मधुमेह रोग से मुक्ति मिल सकती है।

रक्तचाप (Blood Pressure) से मुक्ति 

योग के लाभ से रक्तचाप (Blood Pressure) के असंतुलित होने की समस्या में भी योगाभ्यास सहायता करता है। किन्तु ऐसे रोगी को किसी प्रशिक्षित योग गुरु की देखरेख में ही योगाभ्यास करना चाहिए। क्योंकि कुछ नियमित आसन ही रक्तचाप को बढ़ाते हैं और कुछ कम करते हैं। योग आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करता है।

मानसिक तनाव से मुक्ति (get rid of mental stress)

प्रतिदिन योग करने से हमें मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। जिससे हमें अच्छी नींद, अच्छी भूख लगती है। योग करने से हम अच्छा महसूस करते है। एवं अपने सभी कार्य बेहतर तरीके से कर सकते हैं। प्रतिदिन योग अभ्यास करना हमारे जीवन में हमारी उन्नति का एक कारण बन सकता है।

कैंसर जैसे असाध्य रोग से मुक्ति (cancer treatment in yoga)

योग गुरुओं द्वारा कहा गया है कि योग के निरंतर अभ्यास से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के भी ठीक होने के भी कई उदहारण देखे गए हैं। तथा जो युवावस्था के आरंभ से ही योग करते हैं, वह कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी बच सकते हैं।   

वृद्धावस्था में भी रहें स्वस्थ (be healthy in old age)

योग का निरंतर अभ्यास आपको बढती हुई आयु में भी होने वाली समस्याओं तथा गंभीर बिमारियों से दूर करता है। इससे आप वृद्धावस्था में भी स्वस्थ एवं निरोग रह सकते हैं।

क्या हैं योगमुद्रासन का परिचय एवं लाभ

योग क्रिया करने का उत्तम समय सुबह ही है। योगगुरु बाबा रामदेव के अनुसार जब भी आपको समय मिले आप अपनी परिस्थिति के अनुसार योग कर सकते हैं और योग के लाभ उठा सकते हैं। इस योग के चलते ही भारत एक बार फिर से विश्व में योग गुरु बनने की राह पर है। प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है। हम आशा करते हैं कि आप भी योग को अपनाकर स्वस्थ शरीर तथा सुखी स्वस्थ जीवन की और अपने कदम बढ़ाएंगे। यदि आप स्वस्थ रहेंगे तो आप उन्नति भी कर सकेंगे। प्रतिदिन योग करें और सुखी एवं प्रसन्न रहे।

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