कहीं आपमें भी तो नहीं शनि दोष के ये लक्षण, कर्म का फल कब मिलता है, अच्छे कर्मों का फल, शनि देव प्रकोप के लक्षण, शनि की महादशा, श्री शनिदेव जी से प्रभावित साढ़ेसाती, श्री शनिदेव जी की महादशा, कर्मों की सजा, कर्मों का फल कैसे मिलता है, कर्म का फल कैसे मिलता है, कर्मों का फल कैसे मिलता है
शनि दोष के लक्षण क्या हैं?

ये 18 लक्षण बता देंगे

कि आप शनि दोष से प्रभावित हैं या नहीं

दंडाधिकारी श्री शनिदेव जी के विषय में कई भ्रम फैले हुए हैं। कुछ लोगों का ये मानना है कि श्री शनिदेव जी की छाया सिर्फ बुरा फल ही देती है, किन्तु ये सत्य नहीं है। वास्तव में श्री शनिदेव जी आपको आपके अच्छे और बुरे कर्मों का फल देते हैं। शिव पुराण में वर्णित है कि भगवान श्री रामचंद्र जी के पिता एवं अयोध्या के राजा दशरथ जी ने भी श्री शनिदेव जी को “श्री शनिदेव चालीसा” से ही प्रसन्न किया था। श्री शनिदेव जी से प्रभावित साढ़ेसाती और श्री शनिदेव जी की महादशा के समय, ज्योतिषी भी ‘श्री शनिदेव चालीसा’ का पाठ करने की सलाह देते हैं। यदि आप पर भी शनि दोष चल रहा है तो आपको इसके उपाय अवश्य करने चाहिए। नीचे उन लक्षणों की सूची दी जा रही हैं जिनसे आप ये पता कर सकते हैं कि आप पर शनि दोष चल रहा है या नहीं।

शनि दोष के लक्षण  

01. छोटी मोटी बीमारी से ग्रस्त रहना

स्वयं का लगातार छोटी-मोटी बीमारी से ग्रस्त रहना या परिवार के किसी व्यक्ति का लम्बी बीमारी से ग्रस्त रहना और  उपचार के बाद भी कोई फ़ायदा न होना।

02. शरीर के बाल झड़ना

सिर के बाल झड़ने के साथ साथ शरीर के बाल भी झड़ने लगते हैं।

03. अपनी ज़िन्दगी से परेशान रहना

शनि दोष होने पर व्यक्ति के मन में विषाद और उदासीनता भरी रहती है। अपनों के प्रति मन में कड़वापन आने लगता है। सांसारिकता से मोह भंग होने लगता है।

04. घर छोड़ने का विचार

व्यक्ति के मन में घर छोड़ने का विचार बार बार आता है। ये भी संभव है कि वो कभी कभी परेशान होकर घर से बाहर रहने की कोशिश करता हो।

05. आलस और टालमटोल की आदत होना

सभी कार्यों में आलस, टालमटोल, ढिलाई, सुस्ती रहने लगती है। व्यक्ति अपनी ज़िम्मेदारियों से बचने लगता है। ऐसे कार्यों जिनमें उसकी किसी प्रकार की जवाबदेही है, वो उनमें लापरवाही बरतने लगता है।

06. अवैध या अनैतिक सम्बन्ध

शनि दोष होने पर जातक अवैध या अनैतिक सम्बन्ध की और अग्रसर होने लगता है। ये अनैतिक समबन्ध वास्तव में या आभासी दुनिया में भी हो सकते हैं। यहां आभासी दुनिया से अर्थात आजकल लोग फेसबुक इत्यादि सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी अनैतिक समबन्ध बना लेते हैं। इनमें यदि वे वास्तव में नहीं भी मिलते तब भी इन्हें अवैध या अनैतिक संबंधों की श्रेणी में ही रखा जायेगा।   

07. बिना बात के झूठ बोलना

शनि दोष का एक लक्षण ये भी है की व्यक्ति बिना बात के झूठ बोलने लगता है। जहाँ झूठ बोलने के ज़रा भी आवश्यकता नहीं है वहाँ भी व्यक्ति झूठ बोलने लगता है।

08. व्यवसाय में अत्यधिक बाधाएं

शनिदोष होने पर व्यक्ति की नौकरी या व्यवसाय में अधिक बाधाएं आने लगती हैं। उसकी नौकरी छूट सकती हैं या किसी अनचाही जगह पर तबादला हो सकता है। यदि वो कोई अपना व्यवसाय करता है तो घाटा हो सकता है। दिवालिया निकलने की स्थिति पैदा हो सकती है या बहुत ज़्यादा क़र्ज़ सिर पर चढ़ सकता है।

09. सट्टे, जुए या नशे की लत लगना

यदि व्यक्ति को सट्टे, जुए या नशे की लत लग गई है तो भी इसे शनि दोष का ही एक लक्षण मानना चाहिए।

श्री शनि चालीसा

10. शाकाहारी व्यक्ति का मांसाहारी बनना

शाकाहारी व्यक्ति शनि दोष से प्रभावित होने पर मांसाहारी बनने की सोचने लगता है। अधिक सम्भावना ये भी है कि वो मांसाहार करना शुरू कर दे।

11. समाज में मान-सम्मान में कमी

समाज में आपका मान-सम्मान कम होने लगता है। ऊपर दिए गए लक्षणों पर यदि ध्यान दिया जाये तो वो सब लक्षण उत्पन्न होने पर समाज में मान सम्मान तो स्वयं ही कम हो जायेगा।

12. निर्दोष होने पर भी चोरी, धोखेबाजी का आरोप

शनि दोष का ये प्रभाव बहुत अधिक दुखदाई होता है। निर्दोष होते हुए भी व्यक्ति पर चोरी या धोखेबाजी का आरोप लग जाता है। जो गलत कार्य उसने नहीं किये उनका दोष उसे दिया जाता है और जो सही कार्य भी उसने किये होते हैं वो भी समाज के सामने गलत तरीके से पेश हो जाते हैं।

13. घर के गिरने तक की स्थिति आ जाना

शनि दोष के प्रभाव से घर की परेशानी बढ़ सकती है। घर की ईमारत बहुत बुरी स्थिति में आ सकती है। यहां तक कि घर के गिरने तक की स्थिति आ सकती है।

14. ज़मीन, प्लाट, मकान की समस्या एवं विवाद

शनि दोष होने पर ज़मीन, प्लाट, मकान की समस्या एवं विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। जिसमें आपके सही होने पर भी आपको हानि हो सकती है।

15. भाइयों में विवाद या दुश्मनी

भाइयों में आपस में किसी छोटी से बात को लेकर विवाद हो सकता है और ये विवाद दुश्मनी तक में बदल सकता है।

16. जूते-चप्पल का जल्दी टूटना

यदि आपके जूते चप्पल बहुत जल्दी टूट जाते हैं तो आप ये समझ लें कि आप पर शनि दोष का प्रभाव अधिक है। इसका उपाय आप जितना शीघ्र करेंगे आपके लिए उतना ही अच्छा होगा।

17. विवाह आदि कार्यों में बाधाएं

शनि दोष होने पर घर में विवाह आदि शुभ कार्यों में बहुत अधिक बाधाएं आने लगती हैं। वैसे तो विवाह हो नहीं पाता किन्तु यदि विवाह हो भी जाये तो उसके सभी कार्यों में बड़ी कठिनाईयां आती हैं। विवाह के साथ साथ घर में सभी शुभ कार्यों में अत्यधिक बाधाएं आती हैं। विवाह तो बहुत दूर घर में एक कीर्तन करवाना भी आसान नहीं होता।

18. पति पत्नी में क्लेश रहना

शनि दोष अधिक होने पर पति पत्नी छोटी छोटी बातों पर या बिना किसी बात पर भी आपस में लड़ने लगते हैं। उनका एक साथ रहना भी कठिन हो जाता है। यहाँ तक की दोनों के अलग होने की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

श्री शनिदेव जी की आरती

इसे ध्यान से पढ़ें: 

कुल मिलकर ये कहा जा सकता है कि पहले अच्छे कर्म न करने के कारण या पहले बुरे कर्म करने के कारण इस समय ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं कि वर्तमान में भी आपके लिए अच्छे कर्म करना लगभग असंभव हो जाता है। आपके पास इतना धन या सामर्थ्य नहीं होता कि आप दान पुण्य कर सकें। ऐसी परिस्थितयां नहीं बन पाती कि आप घर में कोई शुभ कार्य कीर्तन पाठ आदि करवा सकें। यहाँ तक कि दिन में सुबह शाम पूजा करना भी संभव नहीं हो पता। इन परिस्थितियों से निकलने का एक ही रास्ता है अपना पूरा प्रयास करें और जितना संभव हो सके शुभ कार्य, पूजा पाठ, दान पुण्य आरम्भ कर दें।

शनि दोष के आप पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव को कम करने के लिए उपचार अलग से एक लेख में दिए जा रहे हैं।

शनि दोष के 31 उपाय (साढ़ेसाती, ढैया और शनि महादोष)